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भोपाल: कांग्रेस ने मुख्यालय से हटाया ‘वास्तु दोष’, 15 साल से सत्ता से दूर है पार्टी

भोपाल: मध्यप्रदेश में वर्ष 2003 से लगातार तीन विधानसभा चुनाव बुरी तरह से हारने के बाद कांग्रेस प्रदेश में इस साल नवंबर-दिसंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव को जीतने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ रही है. इन्हीं कदमों के तहत पार्टी ने यहां स्थित अपने प्रदेश मुख्यालय से ‘वास्तु दोष’ हटा दिया है. कांग्रेस के लिए अच्छा भाग्य पार्टी का मानना है कि यह कदम मध्यप्रदेश कांग्रेस के लिए अच्छा भाग्य लाएगा और 15 साल बाद पार्टी एक बार फिर मध्यप्रदेश में सत्ता में आएगी. कांग्रेस का मानना है कि यह ‘वास्तु दोष’ कांग्रेस मुख्यालय में तीन शौचालय के रूप में था, जिन्हें हाल ही में तोड़ दिया गया है. पिछले 14 वर्षों से मध्यप्रदेश में सत्ता से बाहर हो चुकी कांग्रेस इस राज्‍य में अपनी राजनीतिक किस्मत को पुनर्जीवित करने और भाजपा को सत्‍ता से बेदखल करने में नाकाम रही है.  उसका मानना है कि यह कदम मध्यप्रदेश कांग्रेस के लिए अच्छा भाग्य लाएगा और 15 साल बाद एक बार फिर मध्यप्रदेश में कांग्रेस सत्ता में आएगी. भूतल पर स्थित तीन शौचालय को हटा दिया गया है कांग्रेस ने ‘वास्तु शास्त्र’ विषेशज्ञों से परामर्श लेने के बाद भोपाल के शिवाजी नगर इलाके में स्थित अपने चार मंजिला कार्यालय परिसर 'इंदिरा भवन' में भूतल पर स्थित तीन शौचालय को हटा दिया है. ये शौचालय पार्टी प्रवक्ताओं के कमरे के पास थे. मध्यप्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता के. के. मिश्रा ने  बताया, ‘‘हमने वास्तु शास्त्र विशेषज्ञों से परामर्श लिया और उनकी सलाह पर तीन शौचालयों को हटा दिया, जिनमें से एक मेरे कमरे से जुड़ा हुआ था. ’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से ‘वास्तु दोष’ को हटा दिया गया है. ’’ एक अन्य कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हमने वास्तु दोष को हटा दिया है. अब इस साल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को हम अवश्य जीतेंगे और सत्ता में आएंगे. ’’ उल्लेखनीय है कि इंदिरा भवन का उद्घाटन मार्च 2006 में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने किया था.  इसके बाद मध्यप्रदेश में वर्ष 2008 एवं वर्ष 2013 में दो बार विधानसभा चुनाव हुए. कांग्रेस को भाजपा से बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा लेकिन इनमें कांग्रेस को भाजपा से बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा.  वहीं, जब यह भवन बन रहा था, तो उस समय भी प्रदेश में वर्ष 2003 में विधानसभा चुनाव हुए.  इसमें भी कांग्रेस को भाजपा ने बुरी तरह से हराया था और उससे सत्ता छीन ली थी.  तब से लेकर अब तक प्रदेश में भाजपा सत्ता में है. इंदिरा भवन कार्यालय कांग्रेस के लिए कई गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है आगामी विधानसभा चुनावों के चलते यह इंदिरा भवन कार्यालय कांग्रेस के लिए कई गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है.  दिल्ली के पार्टी नेता चुनाव के लिए रणनीति तैयार करने को लेकर कार्यालय आते-जाते रहते हैं. मिश्रा ने कहा, ‘‘मध्यप्रदेश में वर्ष 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव को हम अवश्य जीतेंगे. मध्यप्रदेश कांग्रेस में कई वर्षों से गुटबाजी चल रही है इसके लिए पार्टी नेता एवं कार्यकर्ता रात-दिन काम कर रहे हैं. ’’ गौरतलब है कि मध्यप्रदेश कांग्रेस में कई वर्षों से गुटबाजी चल रही है.  राजनीतिक गलियारों में यही चर्चा रहती है कि कांग्रेस इसी गुटबाजी के चलते विधानसभा, लोकसभा एवं अन्य चुनाव यहां हार रही है. जब उनसे सवाल किया गया कि प्रदेश के कांग्रेस नेताओं में चली आ रही गुटबाजी से निपटने के लिए पार्टी क्या योजना बना रही है, इस पर मिश्रा ने कहा, ‘‘पार्टी को गुटबाजी से अब तकरीबन-तकरीबन छुटकारा मिल गया है. ’’ हालांकि, उन्होंने खुलासा किया कि प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस मुख्यमंत्री का चेहरा प्रोजक्ट नहीं करेगी, क्योंकि पार्टी में अंदरूनी झगड़े पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं. मिश्रा ने कहा, ‘‘हम विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री के चेहरे को प्रोजेक्ट नहीं करेंगे.  यदि हम एक नेता को इसके लिए प्रोजेक्ट करते हैं, तो दूसरे गुट परेशानी पैदा कर सकते हैं. ’’  



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