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पद्मावती के खिलाफ गुजरात-महाराष्ट्र में विरोध, हिरासत में लिए गए 15 प्रदर्शनकारी

सूरत/मुंबई: फिल्म पद्मावती का ट्रेलर रिलीज होने के साथ ही इसका पूरे देश भर में विरोध हो रहा है। अब इस फिल्म के खिलाफ गुजरात और महाराष्ट्र में भी जोर-शोर से आवाजें उठने लगी हैं। गुजरात के सूरत में राजपूत समुदाय, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और करणी सेना समेत 29 हिंदू संगठनों ने फिल्म पद्मावती के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। सूरत के वनीता विश्राम मैदान से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन जिला कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचा और वहां फिल्म के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। रैली में शामिल हुए संत विजयानंद जी महाराज ने भी हिन्दू संस्कृति के इतिहास से छेड़खानी किए जाने वाली फिल्म पर पाबंदी लगाने की मांग की है। फिल्म पद्मावती के खिलाफ निकली इस रैली में करीबन 50 हजार से अधिक लोग शामिल हुए थे जिसमें गुजरात महाकाल सेना के अध्यक्ष संजय सिंह राठौड़ भी जुड़े थे, जिन्होंने फिल्म का प्रदर्शन न रोकने और रिलीज करने पर सिनेमाघरों के मालिकों और मैनेजरों को उठाने की धमकी भी दी। रैली में शामिल होने वालों में सूरत शहर भाजपा के महामंत्री मदन सिंह अटोदरिया और पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति के कन्वीनर धार्मिक मालवीया भी मौजूद रहे थे। महाराष्ट्र में 15 हिरासत में लिए गए : वहीं महाराष्ट्र में अखंड राजपूताना सेवा संघ के 15 कार्यकर्ताओं को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। करणी सेना ने रखी थी ये शर्तें : गौरतलब है कि फिल्म पद्मावती का विरोध करने वालों का मानना है कि फिल्म में उनके चरित्र को गलत तरीके से पेश किया गया है। निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर राजपूत समाज से चल रहे विवाद के बीच करणी सेना कई बार विरोध कर चुकी है। करणी सेना ने पहले यह शर्त रखी थी कि भंसाली फिल्म ‘पद्मावती’ का नाम बदल दें या प्रदर्शन से पहले फिल्म का प्रिव्यू दिखाएं। सुप्रीम कोर्ट का दखल से इन्कार : सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता क्योंकि सेंसर बोर्ड (सीबीएफसी) अभी तक इसके प्रमाणन पर फैसला नहीं कर पाया है। भाजपा नेता अर्जुन गुप्ता ने सीबीएफसी से इसे प्रमाणित न करने का आग्रह किया है। वहीं, सीबीएफसी अध्यक्ष प्रसून जोशी ने कहा कि किसी का व्यक्तिगत दृष्टिकोण समूचे संगठन के दृष्टिकोण को प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। जोशी ने कहा, 'हम एक व्यक्ति व कलाकार के रूप में भंसाली का सम्मान करते हैं।'



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