Tez Khabar. Khas Khabar

News Aaj Photo Gallery
NSE 10093
BSE 32158
hii
Gold 29847
Silver 41027
Home | प्रदेश | मध्य प्रदेश

BJP में 75 पार वाले भी लड़ सकते हैं चुनाव, पार्टी में ऐसा कोई नियम नहीं: शाह

भोपाल: बीजेपी ने देशभर में 75 साल से कम उम्र के लोगों को ही टिकट देने का फार्मूला तय करने की अटकलों को खारिज कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि ऐसा कोई नियम या परंपरा नहीं है। पार्टी में सभी चुनाव लड़ सकते हैं। जबकि मध्य प्रदेश में पिछले साल दो मिनिस्टर्स बाबूलाल गौर और सरताज सिंह को कथित तौर पर 75 साल से ज्यादा उम्र होने की वजह से मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था। इसके बाद अटकलें लगाईं जा रहीं थीं कि पार्टी शायद 75 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के चुनाव नहीं लड़ाने के फार्मूले पर काम कर रही है। शाह के इस बयान पर बाबूलाल गौर ने भास्कर से कहा कि मेरी पूरी तैयारी है। मैं अगला चुनाव लड़ूंगा। - शाह ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने सीटों का कोई टारगेट तय नहीं किया है, लेकिन हम इससे बेहतर टारगेट पा सकते हैं। जहां तक 350 सीटों की बात है, तो पार्टी इससे बेहतर प्रदर्शन करेगी। 2019 में लोकसभा चुनाव में ज्यादा सीटें मिलने पर भी एनडीए का यही स्वरूप बना रहेगा। मंत्री की संतान काम करके विधायक बने तो यह परिवारवाद नहीं - शाह ने बीजेपी में भी बढ़ते परिवारवाद के आरोपों पर कहा कि किसी मंत्री की संतान लगातार काम करते-करते अगर विधायक बन जाए, तो इसे परिवारवाद नहीं कहते। जहां पूरा का पूरा परिवार तंत्र बन जाए, वह परिवारवाद है। - किसी का नाम लिए बिना शाह ने कहा कि बीजेपी में आजीवन अध्यक्ष का सिस्टम नहीं है, यह भी तय नहीं होता कि किसके बाद कौन अध्यक्ष बनेगा, बीजेपी में घरानेशाही की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने इस दौरान नरेंद्र मोदी, शिवराज सिंह चौहान, पार्टी की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान और खुद का भी उदाहरण देते हुए कहा कि सभी के पिता का पार्टी से कोई लेना-देना नहीं था। मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार की तारीफ - एक सवाल के जवाब में शाह ने कहा कि बीजेपी को राज्य की जनता विकास के लिए अपना आशीर्वाद देगी और दो तिहाई बहुमत से 2018 में शिवराज सिंह चौहान की अगुआई में सरकार बनाएंगे। उन्होंने शिवराज सरकार के काम को संतोषजनक बताते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल है। वहीं प्रदेश मंत्रिमंडल के प्रदर्शन के सवाल पर भी उन्होंने कहा कि पूरी सरकार अच्छा काम कर रही है। छिंदवाड़ा-गुना पर संगठन मजबूत किया जाएगा - छिंदवाड़ा और गुना लोकसभा सीट कांग्रेस के खाते में रहने और यहां पार्टी की कमजोर स्थिति के बारे में पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि दोनों सीटों पर संगठन मजबूत किया जा रहा है और सही वक्त पर दाेनों सीटों पर चेहरा भी सामने लाया जाएगा। - लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एकसाथ कराने के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस बारे में पीएम ने एक विचार देश के सामने रखा है। अब इस पर सभी दलों और संवैधानिक संस्थाओं को विचार करना चाहिए। आपसी समझौते से भी बन सकता है मंदिर - अयोध्या में राम मंदिर मुद्दे पर शाह बोले, ‘मंदिर बनना चाहिए। कोर्ट के आदेश या समझौते के आधार पर इसे बनाया जा सकता है। इस पर कोर्ट का फैसला आना है। आपसी समझौते के आधार पर भी मंदिर बनाया जा सकता है। जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 35A पर चुप रहे शाह - जम्मू-कश्मीर में लागू धारा 370 जैसे संवेदनशील मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह मामला अभी कोर्ट में है और वक्त आने पर पार्टी और सरकार अपना मत उसके सामने रखेगी। इसी तरह की बात उन्होंने आर्टिकल 35A से जुड़े सवाल पर भी कही। पूर्व सांसदों, विधायकों का फूटा गुस्सा - अमित शाह के सामने पूर्व विधायकों और सांसदों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने शिकायत की कि उनकी अनदेखी हो रही है। मौजूदा विधायक तब्बजो नहीं देते। - करीब 26 विधायकों ने अपनी बात रखी। बैठक में पूर्व सीएम कैलाश जोशी और लक्ष्मीकांत गुप्ता का सम्मान भी किया गया। पूर्व सांसदों-विधायकों की शिकायतें और शाह के जवाब ध्यानेंद्र सिंह तोमर (पूर्व मंत्री): मौजूदा विधायक हमें पूछते नहीं। अमित शाह: तालमेल की उम्मीद न रखें। संगठन के लिए काम करें। जयश्री बैनर्जी (पूर्व सांसद): दीन दयालजी और कुशाभाऊ ठाकरे कार्यकर्ताओं के घर जाते थे। इस पीढ़ी के बाद अभी तो बड़े नेताओं का कार्यकर्ताओं के साथ संवाद खत्म सा हो गया है। अमित शाह: सुझाव अच्छा है। इस पर काम किया जाएगा। परसुराम मुदगल (पूर्व विधायक): भरोसा लेकर बीएसपी से बीजेपी में आए थे कि यहां सम्मान मिलेगा। कोई तवज्जो नहीं मिल रही।। अमित शाह: प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबदुद्धे जी से बात कर लीजिए। जो भी आपकी दिक्कतें हैं उनका समाधान होगा। सुरेंद्र सिंह बुंदेला (बेबीराजा): हम परेशानी में है। बड़ी दिक्कतें हैं। अमित शाह: लिखित में लेकर आए हैं, उसे दे दीजिए। कमलापत आर्य: अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को मौका दें। अमित शाह: पार्टी में सभी वर्गों को मौका मिल रहा है। विजेंद्र सिंह सिसोदिया (पूर्व विधायक): जिले में संगठन में समन्वय न होने की बात कही। जिले के विधायकों की भी शिकायत की। अमित शाह: शिकायत दे दें।



यह लेख आपको कैसा लगा
   
नाम:
इ मेल :
टिप्पणी
 
Not readable? Change text.

 
 

सम्बंधित खबरें

 
News Aaj Photo Gallery
 
© Copyright News Aaj 2010. All rights reserved.