Tez Khabar. Khas Khabar

News Aaj Photo Gallery
NSE 10478
BSE 33848
hii
Gold 30225
Silver 39700
Home | Hello India

नलकेश्वर से निकली गंगा की धारा से होता है भगवान शिव का अभिषेक

ग्वालियर: तिघरा जलाशय से ठीक पीछे सोनचिरैया अभ्यारण में बने नलकेश्वर महादेव का मंदिर सैकड़ो वर्ष पुराना है। नलकेश्वर को ही त्रृषि गालव की तपोभूमि भी बताया जाता है। नलकेश्वर के पर्वत से निकली जलधारा को ग्रामीण गंगा माता मानते हैं और वहीं से जल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। नलकेश्वर महादेव के ठीक पास ही टपकेश्वर महादेव मंदिर है। इस महादेव की पिण्डी पर पहाड़ से अपने आप पानी की बूंदे टपकती हैं जो कि 12 महीनें 365 दिन हर घड़ी भगवान शिव का अभिषेक करती हैं। नलकेश्वर महादेव पर्वतों के बीच बना हुआ है। नलकेश्वर महादेव के ऊपर एक शिव परिवार का मंदिर बना हुआ है। इसी मंदिर के ठीक पास ही पर्वतों के बीच से जलधारा निकली हैं। इस जलधारा से ही भगवान शिव का अभिषेक किया जाता है। नलकेश्वर महादेव का मंदिर एक विशाल चट्टान के नीचे बना हुआ है। इसके पास ही हनुमान जी एवं माता का नवीन मंदिर भी बनाया गया है। जंगल के बीच में होने के कारण यहां पर रात के समय सिर्फ साधू संत ही ठहरते हैं। नलकेश्वर महादेव के पास ही त्रृषि गालव की प्रतिमा भी स्थापित है, यह त्रृषि गालव की एकमात्र प्रतिमा है जो कि ग्वालियर में स्थापित है। एक किवदंती के अनुसार त्रृषि गालव प्रतिदिन गंगा नदी में स्नान कर तपस्या करते थे। वह जब ग्वालियर आ रहे थे तो उन्होंने गंगा माता से कहाकि वह अब लगातार उनके पास नहीं आ सकेंगे। इस पर गंगा माता ने कहाकि वह जहां भी ठहरेंगे वहीं पर मैं प्रकट हो जाऊंगी। इसके बाद त्रृषि गालव अपनी ओढनी गंगा माता में छोड़कर नलकेश्वर आ गए। नलकेश्वर पर उन्होंने गंगा माता से प्रकट होने की प्रार्थना की जिसके बाद पहाड़ में से जलधारा निकल पड़ी। इसी जलधारा के साथ ही त्रृषि गालव की वह ओढनी भी बहकर आ गई जो कि वह गंगा नदी में छोड़कर आए थे। इसके बाद से सभी लोग इस जलधारा को गंगा माता की धारा मानने लगे। नलकेश्वर से 1 किलोमीटर की दूरी पर पहाड़ी की चट्टान के नीचे है टपकेश्वर महादेव की पिण्डी है। टपकेश्वर महादेव के बारे में बताया जाता है कि यह अपने आप प्रकट हुई है। इस पिण्डी पर पहाड़ी से लगातार पानी की बूंदे टपकती रहती हैं। फिर चाहे बारिश हो या सूख पड़ जाए यहां पर हमेशा पानी की बूंदे लगातार गिरती रहती हैं।


यह लेख आपको कैसा लगा
   
नाम:
इ मेल :
टिप्पणी
 
Not readable? Change text.

 
 

सम्बंधित खबरें

 
News Aaj Photo Gallery
 
© Copyright News Aaj 2010. All rights reserved.