Tez Khabar. Khas Khabar

News Aaj Photo Gallery
NSE 10478
BSE 33848
hii
Gold 30225
Silver 39700
Home | Bureaucracy

बिहार के ओपी सिंह बनेंगे यूपी के DGP, बेसहरा को देखकर पसीज जाता है इनका कलेजा

नई दिल्ली: आईपीएस ओमप्रकाश सिंह उत्तर प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) होंगे. गृह विभाग के प्रमुख सचिव अरविंद कुमार ने बताया कि 1983 बैच के आईपीएस अधिकारी ओमप्रकाश सिंह प्रदेश के अगले पुलिस महानिदेशक होंगे. वह सुलखान सिंह का स्थान लेंगे जो 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो गये. अक्सर जनता के बीच उसी पुलिस अफसर की चर्चा होती है जो क्राइम और क्रिमिनल के साथ सख्ती बरतते हैं. ओपी सिंह का मामला थोड़ा हटके है. पुलिस महकमा और जनता के बीच इस IPS अफसर की पहचान एक ऐसे अफसर के रूप में है जो लोगों का दुख देखकर द्रवित हो जाते हैं. वे जनता के सेवा भाव के लिए जाने जाते हैं. पुलिस महकमे के लोग बताते हैं कि एसपी और एसएसपी रहते हुए भी ओपी सिंह की प्राथमिकता क्रिमिनल को सजा दिलाने से ज्यादा उसे दोबारा से अच्छे रास्ते पर लाने की रहती थी. आइए उत्तर प्रदेश नए पुलिस महानिदेश ओपी सिंह से जुड़ी 10 बातें जानें-: 1. तेज तर्रार और साफ-सुथरी छवि वाले अधिकारी ओपी सिंह इस वक्त केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के महानिदेशक हैं. CISF को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन, अति महत्वपूर्ण व्यक्ति (VIP) सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और हैती में यूएन की सशस्त्र व पुलिस यूनिट (FPU) स्थापना की सुरक्षा करने जैसे कार्य भी हाल ही में को सौंपे गए थे. 2. ओपी सिंह मूल रूप से बिहार के गया जिले के रहने वाले हैं. सेंट जेवियर्स कॉलेज, नेशनल डिफेंस कॉलेज और दिल्ली विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त ओमप्रकाश सिंह आपदा प्रबंधन में एमबीए के साथ एम.फिल डिग्रीधारी हैं. 3. आपदा राहत बल (NDRF) के महानिदेशक के तौर पर ओपी सिंह ने जम्मू-कश्मीर में आयी बाढ़, नेपाल में आये विनाशकारी भूकंप, हुदहुद तूफान तथा चेन्नई के शहरी इलाकों में आयी बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिये सराहनीय कार्य किये थे. 4. वर्ष 1992-93 में लखीमपुर खीरी जिले के पुलिस अधीक्षक पद पर रहते हुए उन्होंने आतंकवादी गतिविधियों पर सख्ती से लगाम कसी थी. इसके अलावा लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पद पर काम करते हुए उन्होंने धार्मिक जुलूसों को लेकर अर्से पुराने शिया-सुन्नी विवाद को सुलझाने में अहम भूमिका निभायी थी. सिंह को उत्कृष्ट सेवा के लिये गैलेंट्री अवार्ड समेत कई पदक भी मिल चुके हैं. 5. ओपी सिंह जनवरी 2020 तक यूपी के डीजीप रहेंगे. वीरता के लिए राष्ट्रपति के पुलिस पदक प्राप्त ओपी सिंह एकमात्र डीजी रैंक के अधिकारी हैं. 6. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकार के 10 महीने के कार्यकाल में करीब 1000 एनकाउंटर कर 2,000 से अधिक अपराधियों को जेल में पहुंचाया गया है. सीएम चाहते हैं कि अपराध को कंट्रोल करने के लिए इस तरह का मैकनिज्म बनाया जाए कि अपराधी पैदा ही न हो. ओपी सिंह इस तरह के काम के लिए जाने जाते हैं, इसलिए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है. 7. ओपी सिंह अल्मोड़ा, खीरी, बुलंदशहर, लखनऊ, इलाहाबाद, मुरादाबाद में बतौर एसएसपी काम कर चुके हैं. ओपी सिंह तीन बार लखनऊ के एसएसपी रह चुके हैं. आजमगढ़ और मुरादाबाद के डीआईजी व मेरठ जोन के आईजी भी रह चुके हैं. 8. ओपी सिंह के पास सीआरपीएफ का लंबा अनुभव है. वह दिल्ली में सीआईएसएफ के डीजी के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं. 9. बताया जा रहा है कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ चाह रहे थे कि राज्य में ऐसे IPS को डीजीपी बनाया जाए जिनका कार्यकाल 2019 तक रहे. इस पैमाने पर ओमप्रकाश सिंह सटीक बैठता है. 10. ओपी सिंह के अलावा कई नामों की चर्चा थी. जिनमें प्रवीण सिंह, शिव कुमार शुक्ला, भावेश कुमार सिंह और रजनीकांत मिश्रा भी पंक्ति में थे. सीएम योगी आदित्यनाथ ने 1983 बैच के आईपीएस ओपी सिंह पर भरोसा जताया. ओपी सिंह को अचानक लखनऊ बुलाया गया है, वे चेन्नई से यहां पहुंचेंगे. वरिष्ठता के मामले में ओपी सिंह सबसे लंबे कार्यकाल वाले 7वें नंबर के अफसर हैं.



यह लेख आपको कैसा लगा
   
नाम:
इ मेल :
टिप्पणी
 
Not readable? Change text.

 
 

सम्बंधित खबरें

 
News Aaj Photo Gallery
 
© Copyright News Aaj 2010. All rights reserved.