Tez Khabar. Khas Khabar

News Aaj Photo Gallery
NSE 10321.75
BSE 33314.56
hii
Gold 29471
Silver 39520
Home | Youth & Career

इंजीनियरिंग की ये डिग्रियां अमान्य, हजारों नौकरियों पर संकट

नई दिल्ली: आपने भी कॉरस्पोंडेंस (पत्राचार) से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है तो यह खबर आपके बड़े काम की है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में 2001 से पत्राचार के जरिए हासिल की गईं इंजीनियरिंग की डिग्रियों को अमान्य करार दे दिया है। इससे बड़ी संख्या में इंजीनियरों की नौकरी पर संकट गहरा गया है। फैसले की बड़ी बातें - सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कॉरेस्पोडेंस के माध्यम से कोई भी तकनीकी या इंजीनियरिंग कोर्स नहीं किया जा सकेगा। - अदालत ने डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से इस तरह के कोर्स करवाने वाले संस्थानों पर भी रोक लगा दी है। - सर्वोच्च न्यायालय ने अपना यह फैसला ओडिशा हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दिया है जिसमें कॉरेस्पोडेंस के माध्यम से तकनीकी कोर्सेस को अनुमति दी थी। - इस फैसले के बाद अब छात्र डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से एमबीए व अन्य डिग्रियां भी नहीं ले सकेंगे। - सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद डिस्टेस कोर्सेस के माध्यम से इंजनीयरिंग करने के बाद नौकरी पाने वालो के लिए मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी और इनकी नौकरी पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। - जस्टिस एके गोयल और जस्टिस यूयू ललित ने अपने फैसले में कहा कि यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (UGC) और ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन (AICTE) ने इंजीनियरिंग के लिए डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम्स को अनुमति नहीं दी है। डिस्टेंस एजूकेशन काउंसिल (DEC) द्वारा चलाए गए ऐसे सभी कोर्स गैरकानूनी हैं। - सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह डीम्ड यूनिवर्सिटिज को रेग्यूलेट करने के लिए कानून बनाए। - सर्वोच्च अदालत में देश की चार डीम्ड यूनिवर्सिटिज - जेआरएन राजस्थान विद्यापीठ, इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडिज इन एजूकेशन इन राजस्थान, इलाहाबाद एग्रीकल्चरल इंस्टिट्यूट और विनायक मिशन्स रिसर्च फाउंडेशन इन तमिलनाडु के पत्राचार पाठ्यक्रमों की वैधता को लेकर याचिका दायर की गई थी।



यह लेख आपको कैसा लगा
   
नाम:
इ मेल :
टिप्पणी
 
Not readable? Change text.

 
 

सम्बंधित खबरें

 
News Aaj Photo Gallery
 
© Copyright News Aaj 2010. All rights reserved.