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नये सिरे से जारी होगा नीट का रिजल्ट, कइयों की बदलेगी मेरिट

इलाहाबाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए इस सात मई को हुए इंट्रेंस टेस्ट की मेरिट नये सिरे से घोषित करने के आदेश दिए हैं. हाईकोर्ट ने यह आदेश नेशनल एलिजिबिलिटी कम इंट्रेंस टेस्ट यानी नीट के एक सवाल के गलत होने की वजह से दिए हैं. अदालत ने अपने फैसले में वाई सीरीज के प्रश्न नंबर 172 के सभी चारों विकल्पों को गलत माना है और सीबीएसई को आदेश दिया है कि इस सवाल के चार सही नंबर सभी अभ्यर्थियों के खाते में जोड़े जाएं. अदालत ने इस सवाल पर एक नंबर माइनस मार्किंग पाने वालों के घटाए गए नंबर भी वापस करने को कहा है. इस तरह सवाल नंबर 172 के लिए जिन अभ्यर्थियों के एक नंबर माइंस मार्किंग में कट गए थे उनकी मार्कशीट में अब पांच नंबर जुड़ जाएंगे. हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद नीट की मेरिट में जबरदस्त बदलाव होना तय है. इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस तरुण अग्रवाल और जस्टिस अशोक कुमार की डिवीजन बेंच ने यह छात्र वाई सीरीज से इंट्रेंस टेस्ट देने वाले छात्र सौमित्र गिगोडिया की अर्जी को मंजूर करते हुए दिया है. अदालत ने सीबीएसई को उसके द्वारा जमा की गई एक हजार रूपये फीस भी वापस करने को कहा गया है. सौमित्र की अर्जी में कहा गया था कि वाई सीरीज के सवाल नंबर 172 में जवाब के जो चार विकल्प दिए गए थे, वह चारों ही गलत थे. सीबीएसई ने इनमे से डी को सही मानकर कापियां जांची थी. जिन अभ्यर्थियों ने डी के अलावा कोई दूसरा विकल्प सेलेक्ट किया था, उसका एक नंबर माइंस मार्किंग के नाम पर काट लिया गया था. इस मामले में सीबीएसई की एक्सपर्ट टीम ने बी व डी दो विकल्पों का सही माना, जबकि एनसीईआरटी ने चारों विकल्पों को गलत करार दिया. कोर्ट ने इसी आधार पर चारों विकल्पों को गलत माना और वाई सीरीज की कापियों के एक सवाल का फिर से मूल्यांकन करने नये सिरे से मेरिट जारी करने को कहा है. गौरतलब है कि देशभर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस व बीडीएस के ग्रेजुएशन कोर्स में दाखिले के लिए इस साल की नीट सीबीएसई ने सात मई को आयोजित की थी. नीट इंट्रेंस देश भर के सौ से ज़्यादा शहरों के तकरीबन बाइस सौ सेंटर्स पर हुआ था. इंट्रेंस में फिजिक्स – केमेस्ट्री और बायोलॉजी के एक सौ अस्सी वैकल्पिक सवाल पूछे गए थे. इनमे सही जवाब वालों को हर सवाल पर चार नंबर मिलने थे जबकि गलत जवाब देने पर एक नंबर कम किये गए थे. नीट के नतीजे सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तेईस जून को घोषित किये गए थे.ो



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