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देवउठनी के बाद इस साल विवाह के सिर्फ सात मुहूर्त, ये हैं कारण

रायपुर: हर साल देवउठनी (तुलसी विवाह) के बाद ढेरों शादियां होती हैं, लेकिन इस बार साल 2017 में सालों बाद विवाह मुहूर्त के लिए युवाओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। देवउठनी के 25 दिनों बाद तक एक भी शुभ मुहूर्त न होने से शादियां नहीं हो रही है। 31 अक्टूबर को देवउठनी एकादशी थी और अब शुभ मुहूर्त 23 नवंबर को है। ज्योतिषी डॉ. दत्तात्रेय होस्केरे के अनुसार ज्योतिषी मान्यता है कि विवाह का कारक ग्रह सूर्य के नीच का होकर तुला राशि में होने पर विवाह संस्कार नहीं करना चाहिए। साथ ही जब शुक्र अस्त हो तो भी विवाह करना उचित नहीं है। चूंकि इन दिनों सूर्य नीच का होकर तुला राशि में विद्यमान है और शुक्र ग्रह भी अस्त है, इसलिए विवाह नहीं किया जा सकता। इस साल मात्र सात मुहूर्त में ले सकेंगे फेरे देवउठनी के लगभग तीन सप्ताह बाद 23 नवंबर से शुभ मुहूर्तों की शुरुआत होगी। इसमें भी नवंबर में मात्र तीन मुहूर्त और दिसंबर में चार मुहूर्त में ही फेरे लिए जा सकेंगे। जनवरी में एक भी मुहूर्त नहीं 11 दिसंबर से सूर्य धनु राशि में प्रवेश कर जाएगा जिसे मल मास कहा जाता है। इस दिन से विवाह मुहूर्त पर रोक लग जाएगी। हर साल 14 जनवरी को मकर संक्रांति के पश्चात शुभ मुहूर्त शुरू होते हैं लेकिन इस बार 3 फरवरी तक सूर्य के मलीन अवस्था में होने से विवाह नहीं होगा। 19 नवंबर को न करें विवाह ज्योतिषी डॉ.दत्तात्रेय होस्केरे कहते हैं कि कुछ लोग 19 नवंबर को शादी का मुहूर्त बतला रहे हैं, जबकि यह मुहूर्त श्रेष्ठ नहीं है। इस दिन अति गण्ड योग और मृत्यु योग है। इस वजह से विवाह वर्जित है। किसी भी स्थिति में 19 नवंबर को शादी न करें।



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