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देश के 63 जांबाज वीरों को भोपाल में सेना ने किया सम्मानित

भोपाल : सत्य, साहस और भारत माता के प्रति समर्पण भाव के साथ पराक्रम की मिसाल पेश करने वाले देश के 63 जांबाज वीरों को सम्मानित करने का अवसर पहली बार भोपाल को मिला। द्रोणांचल टॉप पर दक्षिणी कमान अलंकरण समारोह में अदम्य साहस का प्रदर्शन करने पर 19 यूनिटों को भी दक्षिणी सेना कमांडर्स यूनिट प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा का निवर्हन करते हुए अपने अदम्य साहस के साथ विघटनकारी और अलगाववादी ताकतों को परास्त करने पर 24 बेहद जांबाज अफसरों को वीरता के लिए सेना मेडल प्रदान किए। इनमें से सात ऐसे अफसर थे जो दूसरों की जान बचाकर खुद शहीद हो गए। पति की शहादत पर गर्व महसूस करते हुए वीरांगनाओं ने भावुक होकर वीरता सेना मेडल ग्रहण किया। जनरल आफिसर इन चीफ दक्षिणी कमान लेफ्टिनेंट जनरल पीएम हैरिज ने अदम्य साहस के लिए 6 युद्ध सेवा मेडल, 14 उत्कृष्ट सेना मेडल, 18 विशिष्ट सेवा मेडल एवं 4 अफसरों को सेना मेडल प्रदान किए। अपने संबोधन में जनरल पीएम हैरिज ने कहा कि में भारत के वीर जवानों को सैल्यूट करता है जो मोर्चे पर कुर्बानी की भावना लेकर तैनात होते हैं। देश् के प्रति समर्पण का भाव रखने वालों का पूरा देश आभारी रहेगा। उन्होंने सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी। कार्यक्रम सुदर्शन चक्र कोर ने ले. जनरल घुमन की अगुवाई में आयोजित किया गया था।इन्हें मिला युद्ध सेवा मेडल पैराशूट रेजीमेंट के ले. जनरल नागेश पी राव, राजपूताना राइफल्स के ब्रिगेडियर हरजीतसिंह साही, मराठा लाइट इन्फेंट्री से ब्रिगेडियर गोविंद कलवाड़, पैराशूटर रेजीमेंट के कर्नल, अमिताभ वालावलकर, द ब्रिगेड ऑफ गार्डस से कर्नल गगनदीपसिंह एवं बिहार रेजीमेंट के कर्नल सुभंजन चटर्जी को युद्ध सेवा मेडल प्रदान किया गया।गर्व का अनुभव लेकिन आंखें नम   पति की शहादत का गर्व लेकिन आंखें नम। यह दृश्य उस समय नजर आया जब सात साहसी शहीद अफसरों की वीर पत्नियां अपने पति के लिए मरणोपरांत सेना मेडल ले रही थीं। ले कर्नल रंजीतसिंह पंवार का अवार्ड पत्नी मेजर रितु ओहलान ने ग्रहण किया। मेजर कृष्ण मनोज कुमार का पदक पत्नी बीना मनोज ने, मेजर ताहिर हुसैन का पदक पत्नी नसीमा सुल्ताना, हवलदार एलुमलाई एम का मेडल पत्नी जानिमा रानी, नायक विजय कुमार का पदक पत्नी जी सुनीता एवं लांस नायक आश कुमार गुरूंग का मेडल पत्नी सीता गुरूंग ने ग्रहण किया। वीरांगनाओं को पूरे सम्मान के साथ स्टेज तक ले जाया गया।गौरव की बात है मेडल मिलना सेना में रहकर देश की सेवा करना ही हमारा लक्ष्य है। बेहतर कार्य प्रदर्शन के लिए विशिष्ट सेवा मेडल मिलना गौरव की बात है। इससे मनोबल बढ़ता है। भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं के अनुरूप ही ऐसे समारोह होते हैं। साहस और समर्पण ही हर सैनिक की पहचान है।   - कर्नल, प्रशांत नायर, मद्रास रेजीमेंट विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानितआतंक का कैंप ध्वस्त किया आसाम में आतंकवाद के खिलाफ हमें तैनात किया गया था। भूटान बार्डन पर सर्च आपरेशन के दौरान हमने जान पर खेलकर आतंकवादियों का कैंप ध्वस्त कर दिया। सेना मेडल मिलना गौरव की बात है। मेरी कुछ दिन पहले ही अमिता के साथ शादी हुई है। समय आने पर बच्चों को भी सेना में भेजेंगे।   - मेजर मूनिश गूर्जर, राजपूताना राइफल्स, सेना मेडल से सम्मानितशहीद पति पर हमेशा गर्व पति का देश के लिए शहीद होना मेरे लिए गर्व की बात है। कुपवाड़ा में नियंत्रण रेखा के पास तैनाती से पहले पति लांस नायक आश कुमार गुरूंगसे बात हुई थी। उन्होंने कहा कि चिंता मत करना लेकिन वे वापस नहीं लौटे। मैं अभी नेपाल में रहती हूं। भारत से मेरा असीम लगाव है।   - वीरांगना सीता गुरूंग, पत्नी शहीद लांस नायक आश कुमार गुरूंग।



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