Tez Khabar. Khas Khabar

News Aaj Photo Gallery
NSE 10333
BSE 33462.97
hii
Gold 28549
Silver 36644
Home | आलेख

मकान खरीदने से ज्यादा फायदे का सौदा है किराए पर रहना

नई दिल्लीः रियल एस्टेट सेक्टर की सुस्ती का असर रेंटल मार्किट पर भी देखने को मिल रहा है. पिछले कुछ समय से जहां मकानों के रेट में कमी आई है वहीं मकान के किराया भी कम देने पड़ रहा है. आपको बता दें कि इस समय होम लोन के रेट में पिछले 7 साल के सबसे न्यूनतम स्तर पर है. ऐसे में आपके जहन में ये सवाल जरूर आएगा कि हम अपने घर के लिए किसी बैंक से होम लोने लें या फिर मकान किराए पर लेकर अपने पैसे बचाए. ऐसे में हम आपको बताते हैं कि आपको क्या करना चाहिए.     गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा में किराया सस्ता दिल्ली के आसपास गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा में यदि आप एचआईजी प्लैट किराये पर लेते हैं तो आपको रेंट के रूप में प्रति महीने औसतन 12-15 हजार रुपए देने होते हैं. वहीं अगर आप यहीं पर घर खरीदते हैं तो आपको लगभग 60 लाख रुपए की कीमत पर 12 लाख रुपए डाउन पेमेंट देने होंगे और बाकी 48 लाख रुपए आप बैंक से ले सकते हैं, जिस पर आपको लगभग 40-43 हजार रुपए के बीच मासिक ईएमआई देनी होगी. इस तरह एक ही फ्लैट के लिए आपको रेंट की तुलना में खरीदने की स्थिति में कई गुना अधिक रकम देनी होगी. ईएमआई पर रेपो रेट बढ़ने या कम होने का भी असर होगा. लोन पर ब्‍याज दर कम होने से मिलेगा फायदे बैंकों की ब्‍याज दरों में पिछले लगभग दो साल के दौरान औसतन 1.5 फीसदी की कमी आई है. एसबीआई ने तो 1.75 फीसदी तक की कमी की है. अगर किसी ने 20 साल के लिए 20 लाख रुपए का लोन ले रखा है तो मासिक ईएमआई पर लगभग 2000 रुपए तक की बचत हो रही है और साल में लगभग 24 हजार रुपए बच जाएंगे. रियल एस्टेट कानून लागू; घर खरीदारों के लिए राहत, बिल्डरों की मनमानी से मुक्ति संपत्ति के मूल्यांकन में कम बढ़ोतरी हाल के वर्षों के ट्रेंड को देखते हुए कहा जा सकता है कि पहले की तरह अब प्रॉपर्टी के वैल्‍यूएशन में अधिक इजाफा नहीं हो रहा है. पहले 4-5 साल में वैल्‍यूएशन दो गुना हो जाता था, अब 10 साल में दोगुना होने का दावा भी नहीं किया जा सकता है. योजनाद्ध निवेश कर किराए पर रहें अगर आप महज 45 हजार रुपए मासिक रूप में 10 साल तक एसआईपी में डालते हैं तो अगले 10 साल में अनुमानित रूप से 12 फीसदी ग्रोथ के साथ यह रकम 1 करोड़ रुपए से भी अधिक हो सकती है. अगर आपकी प्रॉपर्टी की वैल्‍यू में इस दौरान 2.5 गुना की वृद्धि होती है, तब जाकर ही आप एसआईपी (व्यवस्थित निवेश योजना) के बराबर पहुंच पाएंगे, जो वर्तमान स्थिति को देखकर संभव नहीं लगता. जगह बदलने से करियर की संभावनाओं पर पड़ता है असर   आज के युवा जिस तरह की जॉब करते हैं, उसमें जगह की कोई निश्चितता नहीं रहती है. आज कोई दिल्‍ली में तो कल बेंगलुरु, मुंबई या विदेश के किसी शहर में काम कर सकता है. दिल्‍ली जैसा शहर भी इतना बड़ा कि एक कोने से दूसरा कोना जाने में काफी समय लग जाता है. जबकि एक जगह फ्लैट ले लेने से उस जगह के प्रति एक तरह का आग्रह डेवलप कर जाता है. इसका बुरा असर करियर की संभावनाओं पर होता है.  



यह लेख आपको कैसा लगा
   
नाम:
इ मेल :
टिप्पणी
 
Not readable? Change text.

 
 

सम्बंधित खबरें

 
News Aaj Photo Gallery
 
© Copyright News Aaj 2010. All rights reserved.