Tez Khabar. Khas Khabar

News Aaj Photo Gallery
NSE 10478
BSE 33848
hii
Gold 30225
Silver 39700
Home | यह है इंडिया

मजदूरी के लिए स्कूल छोड़ा था, अब लाखों का बिजनेस करते हैं अर्जुन सोलंकी

इंदौर 08 फरवरी:अर्जुन सोलंकी 14 साल के थे जब उनके पिता की मौत हुई। उसकी मां की आय उतनी नहीं थी कि अपने दो बेटों की जरूरतें पूरी कर सकें। इसलिए दोनों ने काम करने के लिए स्कूल छोड़ दिया और मां के पद चिन्हों पर चल पड़े। तीन समय का पर्याप्त खाना मिलता रहे यह सुनिश्चित करने के लिए तीनों के पास कुछ और सोचने या सपना देखने का समय नहीं था। लेकिन उनकी जिंदगी तब बेहतरी के लिए बदली जब छोटे बेटे अर्जुन को आईसीआईसीआई से फ्री स्किल ट्रेनिंग कोर्स मिला। अर्जुन का परिवार मध्यप्रदेश के इंदौर के पास एक गांव बड़ौदा सिंधी में रहता है। उसके माता-पिता रोज मजदूरी करके घर चलाते थे यानी अनियमित आय और अनिश्चित भविष्य। उसके पिता को शराब की लत थी जिससे घर की स्थिति और बदतर हो गई थी। यहां तक कि ज्यादा शराब पीने से उनकी मौत हो गई। हालांकि अर्जुन की मां बहुत मेहनती थी लेकिन वह बच्चों के स्कूल की फीस नहीं भर सकती थी और ना ही भोजन की व्यवस्था। इसलिए दोनों भाइयों ने पढ़ाई छोड़कर काम करना शुरू किया। उस दौरान ही अर्जुन ने सुना कि आईसीआईसीआई अपने सीएसआर प्रोजेक्ट के तहत पेंट एप्लीकेशन टेक्निक पर एक फ्री कोर्स ऑफर कर रहे हैं। चूंकि दोनों के लिए दो महीने तक बिना इनकम परिवार को सरवाइव करना कठिन था तो केवल अर्जुन ने ही इसे किया।अर्जुन के मुताबिक उसने तरह-तरह के पेंट्स, उसके उपयोग के बारे में सीखा और आम पेंट की समस्याओं के बारे में जाना। मैंने फाइनेंस को मैनेज करने के साथ साथ कम्युनिकेशन के बेसिक्स के बारे में भी जाना। प्रैक्टिकल एप्लीकेशन पर जोर देने से मुझे वास्तविक दुनिया में तैयार होने में मदद मिली। जब मेरे पास नौकरी नहीं थी तो मैंने सोचा कि मेरे पास कोई मौका नहीं है लेकिन मैंने जब स्किल्स सीखी तो मैंने सपना देखना सीखा। शुरूआत में ट्रेनिंग देने वाली फैकल्टीज ने सोचा कि क्या पता वह नियमित रूप से क्लास अटैंड कर पाएगा या नहीं लेकिन सफलतापूर्वक कोर्स पूरा करने पर वह सरप्राइज्ड हुए। अब आलम यह है कि अर्जुन पेंटिंग के कॉन्ट्रेक्टर के रूप में लाखों के प्रोजेक्ट्स लेते हैं। अपने परिवार का ध्यान रखने के साथ, वह अपनी कमाई का उपयोग उसके गांव के युवाओं की मदद करने में खर्च करते हैं।



यह लेख आपको कैसा लगा
   
नाम:
इ मेल :
टिप्पणी
 
Not readable? Change text.

 
 

सम्बंधित खबरें

 
News Aaj Photo Gallery
 
© Copyright News Aaj 2010. All rights reserved.